पुलिस ने 11 दिन तक पूछताछ की, लेकिन अब तक कोई खास जानकारी या सबूत नहीं मिल पाया।
फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में आरोपी गोलू पंडित को 11 दिन की पुलिस हिरासत के बाद अब न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अदालत ने पुलिस की और कस्टडी की मांग को खारिज कर दिया, क्योंकि इतने दिनों की पूछताछ के बाद भी पुलिस को उसके खिलाफ कोई पक्का सबूत या आपत्तिजनक चीज नहीं मिली।
इस मामले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है। गैंग ने अभिनेता रणवीर सिंह को भी धमकी भरा वॉयस नोट भेजा था। फिलहाल पुलिस इस वॉयस नोट और इस केस में पकड़े गए 14 अन्य आरोपियों से जुड़े सुरागों की गहराई से जांच कर रही है।
रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर हुई फायरिंग के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस केस में गिरफ्तार आरोपी गोलू पंडित को 11 दिन की पुलिस कस्टडी के बाद अब अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस गोलू से और पूछताछ करना चाहती थी, इसलिए उसने कस्टडी बढ़ाने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इसे मंजूर नहीं किया। गोलू के वकील दिलीप शुक्ला ने कहा कि पुलिस के पास कस्टडी बढ़ाने के लिए कोई नया और ठोस कारण नहीं था, वे सिर्फ पुरानी बातों को दोहरा रहे थे।
वकील ने यह भी बताया कि जिस समय फायरिंग हुई, उस वक्त गोलू मुंबई में था ही नहीं। पुलिस ने उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड जरूर कोर्ट में रखा, लेकिन उससे इस केस से उसका सीधा संबंध साबित नहीं हो पाया। खास बात यह है कि उसे पहले ही राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। हैरानी की बात है कि 11 दिन तक पूछताछ करने के बाद भी मुंबई क्राइम ब्रांच को गोलू पंडित के खिलाफ कोई पक्का सबूत या गलत सामान नहीं मिला।
पुलिस का कहना था कि गोलू मुख्य शूटर के संपर्क में था, लेकिन सबूत मजबूत नहीं होने की वजह से कोर्ट ने पुलिस को और समय देने से मना कर दिया। इससे जांच एजेंसी को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि वे अब तक पूरा मामला साफ नहीं कर पाए हैं। इस केस में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन साजिश और हथियारों के बारे में अभी भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। इसी कारण आरोपी को राहत मिल गई।
इस घटना के लिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग को जिम्मेदार बताया जा रहा है।
रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है, जिससे मामला और ज्यादा गंभीर हो गया है। रोहित के अलावा एक्टर रणवीर सिंह को भी धमकी भरा वॉयस नोट मिला था। इसमें उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई थी। यह वॉयस नोट उनके मैनेजर को भेजा गया था, जिसमें उन्हें ‘सुधर जाने’ की धमकी दी गई थी। अभी पुलिस इस वॉयस नोट की जांच कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि इसके पीछे असली आदमी कौन है और गैंग का इसमें कितना हाथ है।
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